सत्यमेव जयते
कहीं मिलेगी प्रशंसा तो कहीं नाराजगियों का बहाव मिलेगा,,
कहीं मिलेगी दुआ तो कहीं भावनाओं में दुर्भाव मिलेगा,,
तू चलाचल राही अपने कर्म पथ पे जैसा तेरा भाव वैसा प्रभाव मिलेगा,,।।