सत्यमेव जयते                          सुविचार                           सत्यमेव जयते
                                     

                                                  ♨️ आज की प्रेरणा ♨️
 
जो कुछ हमारा है वो हम तक आता है यदि हम उसे ग्रहण करने की क्षमता रखते हैं।

आज से हम अपने दिल में और ज़िन्दगी में उन सब अच्छी चीजों के लिए जगह बनाते चलें जो ज़िन्दगी हमें प्रदान कर रही है।
                                               जीवन में ब्रह्ममुहूर्त को महत्व दें 

इस शक्ति को बढाने के लिए सवेरे - सवेरे स्वयं में श्रेष्ठ संकल्प भर लेना सबसे ज्यादा लाभकारी है ! हम व्यायाम में रुची रखते हैं तो व्यायाम करें । यदि हम विद्यार्थी हैं तो सत्साहित्य का अध्ययन करें अथवा आंख खुलते ही 108 बार लिखें  मैं सर्वशक्तिमान हूं मैं एक महान आत्मा हूं। ध्यान रहे , आंख खुलते ही नकारात्मक संकल्प मन में कभी न आने दें । 

उठते ही पांच संकल्प पांच - पांच बार करें …………… मैं बुद्दिमान हूं , मैं चरित्रवान हूं , मैं एकाग्रचित हूं , मैं श्रेष्ठ योगी हूं और मैं बहुत - बहुत भाग्यवान हूं । इन्हें अवचेतन मन स्वीकार कर लेगा और हमारे अन्तर्मन की शक्ति हमें वैसा ही बना देगी । इस तरह जो मनुष्य सवेरे के समय का सदुपयोग करता है , उसका मन व्यर्थ से मुक्त होकर एकाग्र हो जाता है  । " सुप्रभात जी "